वाह क्या लज़ीज़ खाना बना हैं, पेट भर गया पर मन नहीं भरा ! आखिर ये खाना स्वादिष्ट और मज़ेदार बनता कैसे हैं ? मसालों को तेल में सही तरीके से भुनने से , या सब्जी / दालों को ऊपर से तड़का लगाने से – और इन सब चीज़ो को बनाने में ज्यादातर भारतीय घरो में इस्तेमाल होता हैं ” REFINED OIL ” , सोचिए जो चीज़ हम लगातार , दिन में ३ से ४ बार खाने में, स्नैक्स – जैसे पकोड़े, कचौड़ी , या अन्य पकवानो की गिनती करे तो जाने दिन में कितनी बार ” REFINED OIL ” हमारे पेट में जाता हैं ! क्या हमने समझने की कोशिश की ? कि आखिर ये TV में जो बड़े बड़े विज्ञापनों में कंपनियां दावा करती हैं की हमारे तेल से तो ; हार्ट की सेहत ठीक रहती हैं, हमारे तेल से तो वजन बढ़ता ही नहीं , हमारे तेल से तो पुरे परिवार की तंदुरुस्ती होती हैं, ये तेल REFINED हैं यानी PURE हैं , क्या ये विज्ञापन सही हैं या गलत ? चाहे वो भारत में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला सूर्यफुल का तेल हो, मूँगफली का तेल हो , या उत्तरी भारत में खाया जाने वाला सरसो का तेल , अगर ये वास्तव में सच में शुद्ध नहीं होगा, तो ये आपको और आपके परिवार को तंदुरुस्त नहीं बल्कि बीमार जरूर कर सकता है। तो दोस्तों आज जानते हैं इस REFINED OIL की पूरी सचाई , जो आपने कभी नहीं सुनी होगी ; रिफाइंड तेल याने वो तेल जिसको तीव्र और कुछ हद तक खतरनाक रसायनी पधार्तो से प्रक्रिया करके बनाया जाता हैं ,रिफाइंड तेल बनाने की प्रक्रिया में कई कदम होते हैं ,जो उनकी पोषकता पर असर डालते हैं और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसकी पूरी जानकारी आप इस वीडियो में समझ सकते हैं |

Video By

Dr. Bipin Vibhute

Liver and Multi-Organ Transplant Surgeon,

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